Kavyanjali
Kavita
रविवार, 30 दिसंबर 2018
प्यार के अल्फ़ाज़ अधूरे हो या पूरे , यादों के निशान छोड़ ही जाते है।
कितना भी चाहे मिटा लो इनको ,नफरतों के असर को बेअसर कर ही जाते है।
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