Kavyanjali
Kavita
सोमवार, 25 मई 2020
नशीली आंखें
आंखे इतनी नशीली है कि
मदहोशी छा जाए
कैसे बचाए इस दिल को कोई
जब तीखे नयनों से कोई बाण चलाए
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