शब्दों का हेर फेर से ही बनती है नई कहानी
गुरुवार, 18 अगस्त 2022
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क़ीमत
क़ीमत भी अदा करनी पड़ी हमे उस रिश्ते की जिसकी कोई क़ीमत न थी
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DIL KA ZAKHM DIKHA NA UNHE MARHAM NA JANE KON SA LAGA GYE HUMHE TO PYAS THI UNKE LABO KI ,PYASA SAMJHKAR PANI PILA Gaye
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चांद दिनों की जुदाई में हो गया दिल बैचैन हमारा काटे ना कटे रतिया, ना कटे दिन पिया के बिना अब ना छूटे साथ हमारा तुम्हारा बनकर रहे प्य...
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Itne jaldi kase chale gaye app Chodkar yun sangeet ka saath Mila baithe bhagwan se hath 🙌
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